नवग्रह शांति पूजन (Navagraha Peace Puja)
नवग्रह शांति पूजन सनातन हिंदू धर्म का एक आधारभूत और अत्यंत प्रभावशाली अनुष्ठान है। हमारे जीवन की उन्नति, स्वास्थ्य और सुख-शांति आकाश मंडल में स्थित नौ ग्रहों (सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि, राहु और केतु) की चाल पर निर्भर करती है।
यहाँ आपके प्रश्नों का विस्तृत विवरण दिया गया है:
1. नवग्रह शांति पूजन क्या है, क्यों और कब किया जाता है |
1.What is Navgraha Shanti Puja, why and when is it performed?
क्या है: जब व्यक्ति की कुंडली में ग्रह प्रतिकूल स्थिति में होते हैं, तो उनके नकारात्मक प्रभाव को कम करने और शुभ फल प्राप्त करने के लिए की जाने वाली पूजा 'नवग्रह शांति' कहलाती है।
क्यों: जीवन में आने वाली बाधाओं, बीमारियों, आर्थिक तंगी और मानसिक अशांति को दूर करने के लिए यह पूजन किया जाता है।
कब: * जब ज्योतिषीय गणना के अनुसार किसी क्रूर ग्रह की महादशा या अंतर्दशा चल रही हो।
किसी नए कार्य (व्यापार, विवाह, गृह प्रवेश) की शुरुआत से पहले।
जन्म कुंडली में 'ग्रहण दोष', 'चांडाल दोष' या 'कालसर्प दोष' होने पर।
2. लाभ और दोषों से मुक्ति
2. Benefits and freedom from defects
लाभ: मानसिक स्पष्टता, शारीरिक आरोग्य, कार्यक्षेत्र में सफलता और पारिवारिक सामंजस्य।
दोष मुक्ति: यह पूजा पितृ दोष (आंशिक), शनि की साढ़ेसाती/ढैया, मंगल दोष और ग्रहों के नीच प्रभाव से मुक्ति दिलाती है।
3. मुहूर्त का महत्व
3. Importance of Muhurta
हाँ, इसे मुहूर्त के अनुसार ही किया जाता है।
शुभ समय: शुक्ल पक्ष के किसी भी शुभ दिन, विशेषकर सोमवार, बुधवार, गुरुवार या शुक्रवार को इसे करना उत्तम है।
विशेष: यदि किसी विशेष ग्रह की शांति करनी है, तो उस ग्रह के वार (जैसे शनि शांति के लिए शनिवार) को चुना जाता है।
4. वेदी निर्माण और प्रमुख देवता
4. Altar(Vedi) construction and main deity
प्रमुख देवता: इसके अधिपति देवता भगवान विष्णु और शिव जी हैं, क्योंकि सभी ग्रह इन्हीं के अधीन हैं।
वेदी निर्माण: 1. नवग्रह मण्डल: चावल या रंगों से नौ ग्रहों के लिए अलग-अलग कोष्ठक (डिब्बे) बनाए जाते हैं।
2. कलश स्थापन: वरुण देव के प्रतीक के रूप में मुख्य कलश।
3. प्रधान वेदी: बीच में सूर्य देव और चारों ओर अन्य ग्रहों की स्थापना।
4. अधिदेवता और प्रत्यधिदेवता वेदी: प्रत्येक ग्रह के सहायक देवताओं की पूजा के लिए।
5. मुख्य मंत्र और जाप संख्या
5. Main mantra and chanting number
प्रत्येक ग्रह का अपना विशिष्ट मंत्र है, लेकिन सामूहिक शांति के लिए 'नवग्रह स्तोत्र' या 'वेदोक्त नवग्रह मंत्र' का प्रयोग होता है:
"ब्रह्मा मुरारिस्त्रिपुरान्तकारी भानु: शशी भूमिसुतो बुधश्च। गुरुश्च शुक्र: शनिराहुकेतव: सर्वे ग्रहा: शान्तिकरा भवन्तु॥"
न्यूनतम जाप: शास्त्रीय विधान के अनुसार सभी नौ ग्रहों के कुल मंत्रों की संख्या 71,000 के आसपास होती है। सामान्य शांति के लिए कम से कम 11,000 जाप अनिवार्य हैं।
ब्राह्मण: इस अनुष्ठान को पूर्ण शुद्धता से करने के लिए कम से कम 3 विद्वान ब्राह्मणों की आवश्यकता होती है।
6. कैवल्य एस्ट्रो (Kaivalya Astro) ऐप के माध्यम से कैसे कराएं?
6. How to get it done through Kaivalya Astro App?
कैवल्य एस्ट्रो ऐप इस जटिल प्रक्रिया को बहुत ही सुगम और पारदर्शी बनाता है:
परामर्श (Consultation): सबसे पहले ऐप के 'Talk to Astrologer' सेक्शन में जाकर अपनी कुंडली दिखाएं ताकि यह पता चल सके कि किस विशेष ग्रह की शांति मुख्य रूप से जरूरी है।
मुहूर्त चयन: ऐप का 'Panchang' फीचर आपको आपके शहर के अनुसार सटीक मुहूर्त (जैसे अमृत या शुभ चौघड़िया) बता देगा।
पूजा बुक करें: 'Astro Services' में जाकर 'Navgraha Shanti' पैकेज चुनें। यहाँ आप ब्राह्मणों की संख्या और जाप की अवधि (जैसे 1 दिन या 3 दिन) तय कर सकते हैं।
सामग्री और विधि: बुकिंग के बाद ऐप आपको पूजा की आवश्यक सामग्री (जैसे समिधा, तिल, घी, विशिष्ट अनाज) की सूची प्रदान करेगा।
अनुष्ठान संपन्न: आप ऐप के माध्यम से 'Online/Virtual Pooja' भी चुन सकते हैं, जहाँ पंडित जी आपके नाम और गोत्र से संकल्प लेकर लाइव पूजा संपन्न करेंगे।
सुझाव: नवग्रह शांति के साथ 'दान' का बहुत महत्व है। पूजा के बाद संबंधित ग्रहों के अनाज या रंग के वस्त्रों का दान अवश्य करें।
ध्यातव्य विषय:- अनुष्ठान सेवा राशि एक दिवसीय हेतु 35000 है और त्रिदिवसीय हेतु 71000 है |
The ritual service amount is Rs 35000 for one day and Rs 71000 for three day.
घर पर करवाने पर मार्ग के आने जाने का व्यय अलग से देय होगा और सामग्री स्वयं से लानी होगी।