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वास्तु दोष शांति पूजन (Vastu Fault Rectification Prayer/Ritual)

वास्तु दोष शांति पूजन एक ऐसी वैदिक प्रक्रिया है जिसके माध्यम से भवन (घर, दुकान या ऑफिस) की नकारात्मक ऊर्जा को सकारात्मकता में बदला जाता है। जब कोई निर्माण प्रकृति के नियमों (पंचतत्वों) के विरुद्ध होता है, तो वहां की ऊर्जा असंतुलित हो जाती है, जिसे ठीक करना अनिवार्य है।

1. वास्तु दोष क्या है और यह किन कारणों से उत्पन्न होता है?

1. What is Vastu Dosha and why does it arise?

वास्तु दोष तब उत्पन्न होता है जब घर के निर्माण में ईशान (उत्तर-पूर्व), आग्नेय (दक्षिण-पूर्व), नैऋत्य (दक्षिण-पश्चिम) और वायव्य (उत्तर-पश्चिम) दिशाओं का सही उपयोग नहीं होता।

  • प्रमुख कारण:

    • गलत दिशा में शौचालय या रसोई का होना।

    • घर के केंद्र (ब्रह्मस्थान) में भारी निर्माण या गंदगी होना।

    • मुख्य द्वार का गलत दिशा में होना या उसके सामने कोई बाधा (वृक्ष, खंभा) होना।

    • भूमि का आकार सही न होना (जैसे कटा हुआ कोना)।

2. गलत निर्माण पर यह पूजन कितना प्रभावी है?

2. How effective is this puja on the wrong construction?

शास्त्रों के अनुसार, यदि घर में तोड़-फोड़ करना संभव न हो, तो वास्तु शांति पूजन और रत्न-अध्याय (जमीन में रत्न दबाना) के माध्यम से दोष के प्रभाव को 70% से 80% तक कम किया जा सकता है। यह पूजन उस स्थान की प्राण-वायु को शुद्ध कर देता है, जिससे गलत निर्माण के बावजूद वहां रहने वालों पर बुरा असर नहीं पड़ता।

3. दोष निवारण न करने पर आने वाली बाधाएं और लक्षण

3. Obstacles and symptoms that arise if the defects are not rectified

बाधाएं:

  • व्यापार में अचानक गिरावट और कर्ज का बढ़ना।

  • परिवार के सदस्यों के बीच अकारण विवाद और मानसिक तनाव।

  • विवाह में देरी या संतान प्राप्ति में बाधा।

लक्षण (जिनसे ज्ञात हो कि दोष है):

  • घर में प्रवेश करते ही भारीपन या उदासी महसूस होना।

  • नल से पानी का लगातार टपकना या दीवारों में नमी (Capping) रहना।

  • घर के पालतू जानवरों या पौधों का बार-बार बीमार पड़ना/सूखना।


4. पूजन विधि और वेदी निर्माण

4. Method of worship and construction of altar(Vedi)

इस दोष निवारण के लिए मुख्य रूप से भगवान वास्तु पुरुष की पूजा की जाती है।

  • वेदी निर्माण:

    1. वास्तु मण्डल: 81 या 64 खानों वाली वेदी, जिसमें विभिन्न देवताओं का आह्वान होता है।

    2. योगिनी वेदी: नकारात्मक ऊर्जा को शांत करने के लिए।

    3. क्षेत्रपाल वेदी: स्थान की सुरक्षा के लिए।

    4. पंचलोकपाल: प्रकृति के तत्वों को संतुलित करने के लिए।

  • मुख्य देवता: वास्तु पुरुष, भगवान शिव (वास्तु के अधिपति) और गणपति।

  • मंत्र: "ॐ वास्तोष्पते प्रति जानीह्यस्मान् स्वावेशो अनमीवो भवान्।"


5. नित्य किए जाने वाले छोटे उपाय

5. Simple Daily Remedies

  • कपूर जलाएं: प्रतिदिन शाम को घर के हर कोने में कपूर दिखाएं।

  • नमक का पोंछा: पानी में समुद्री नमक डालकर घर की सफाई करें।

  • मुख्य द्वार: शाम के समय मुख्य द्वार पर घी का दीपक जलाएं।

  • स्वास्तिक: घर के मुख्य द्वार पर सिंदूर से 9 अंगुल का स्वास्तिक बनाएं।


6. कैवल्य एस्ट्रो (Kaivalya Astro) ऐप के द्वारा निवारण

6. Prevention through Kaivalya Astro App

कैवल्य एस्ट्रो ऐप वास्तु दोष के वैज्ञानिक और आध्यात्मिक समाधान के लिए एक संपूर्ण मंच है:

  • Vastu Audit (नक्शा जांच): आप ऐप के माध्यम से अपने घर का नक्शा विशेषज्ञों को भेज सकते हैं। वे डिजिटल मैपिंग के जरिए सटीक दोष की पहचान करते हैं।

  • Astrological Vastu: ऐप आपके और आपके परिवार की जन्म कुंडली के आधार पर यह बताता है कि आपके लिए कौन सा कोना सबसे ज्यादा सक्रिय (Active) करना जरूरी है।

  • Remedy Shop: यदि तोड़-फोड़ संभव नहीं है, तो ऐप के स्टोर से आप सिद्ध वास्तु सामग्री, वास्तु यंत्र  मंगवा सकते हैं, जो ब्राह्मणों द्वारा अभिमंत्रित होते हैं।

  • Pooja Booking: आप ऐप से 'Vastu Shanti' अनुष्ठान बुक कर सकते हैं। कैवल्य एस्ट्रो विद्वान ब्राह्मणों की एक टीम उपलब्ध कराता है जो आपके घर आकर वेदी निर्माण और हवन संपन्न करते हैं।

  • Daily Tips: ऐप आपको रोज छोटे-छोटे वास्तु टिप्स भी भेजता है जो आपके घर की समृद्धि बनाए रखने में सहायक होते हैं।

    ध्यातव्य विषय:- अनुष्ठान सेवा राशि एक दिवसीय हेतु 21000 है और त्रिदिवसीय हेतु 51000 है |

    Note: The ritual service fee (Anushthan Sewa Rashi) is 21,000 for one day and 51,000 for three days.

    घर पर अनुष्ठान कराने पर आने जाने का व्यय और सामग्री का व्यय अलग से देना होगा 

     For conducting rituals at home, the cost of transportation and material expenses will have to be paid separately.