हनुमान बाहुक(Hanuman Bahuk)
अनुष्ठान सेवा शुल्क 7100 है
Anushthan Seva Fee is Rs 7100
यदि आप इसे घर पर करवाते है तो मार्ग में आने जाने का व्यय अलग से देय होगा और पूजन सामग्री स्वयं से लानी होगी
If you get it done at home, then the travel expenses will be payable separately and you will have to bring the puja materials yourself.
हनुमान बाहुक गोस्वामी तुलसीदास द्वारा रचित एक अत्यंत प्रभावशाली स्तोत्र है। यह न केवल भक्ति का मार्ग है, बल्कि शारीरिक कष्टों से मुक्ति का एक अमोघ अस्त्र भी माना जाता है।
1. हनुमान बाहुक क्या है और इसका उल्लेख कहाँ है? (What is Hanuman Bahuk and where is it mentioned?)
हनुमान बाहुक 44 पदों का एक स्तोत्र है जिसमें हनुमान जी की शक्ति और उनके दयालु स्वभाव का वर्णन किया गया है।
ग्रन्थ (Text): इसका उल्लेख स्वतंत्र रूप से मिलता है, लेकिन इसे मुख्य रूप से तुलसीदास जी की कृति 'कवितावली' के परिशिष्ट के रूप में देखा जाता है।
सर्वप्रथम किसने किया (Who did it first): इसकी रचना और प्रथम पाठ स्वयं गोस्वामी तुलसीदास जी ने किया था।
2. ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और परिस्थितियाँ (Historical Background and Circumstances)
कहा जाता है कि अपने जीवन के अंतिम समय में तुलसीदास जी कलयुग के प्रकोप के कारण हाथों और शरीर के जोड़ों के असहनीय दर्द (वातरोग या बाहु पीड़ा) से पीड़ित थे। जब कोई औषधि काम नहीं आई, तब उन्होंने हनुमान जी की स्तुति में इन पदों की रचना की। पाठ पूर्ण होते ही वे रोगमुक्त हो गए थे।
3. महत्व और लाभ (Significance and Benefits)
हनुमान बाहुक का पाठ विशेष रूप से स्वास्थ्य लाभ के लिए किया जाता है:
शारीरिक कष्ट निवारण: गठिया, वात, जोड़ों का दर्द और गंभीर रोगों में यह रामबाण माना जाता है।
नकारात्मक ऊर्जा से मुक्ति: भूत-प्रेत बाधा या ऊपरी हवा के प्रभाव को दूर करने में सहायक है।
संकट नाश: जीवन में अचानक आई विपत्तियों को दूर करने के लिए इसका पाठ किया जाता है।
4. पाठ करने के नियम और विधि (Rules and Procedure for Chanting)
हनुमान बाहुक के लिए कुछ विशेष सावधानियां और नियम आवश्यक हैं:
नियम (Rules): पूर्ण ब्रह्मचर्य का पालन करें, तामसिक भोजन (प्याज, लहसुन, मांस) का त्याग करें और मन में अटूट श्रद्धा रखें।
विधि (Procedure): 1. हनुमान जी की प्रतिमा के सामने जल का एक पात्र (कलश) रखें।
2. घी का दीपक जलाएं और चमेली के तेल का अर्पण करें।
3. संकल्प लेकर पाठ शुरू करें।
4. पाठ पूर्ण होने के बाद, कलश के जल को अभिमंत्रित मानकर रोगी को पिलाएं या स्वयं ग्रहण करें।
5. समय और ब्राह्मणों की आवश्यकता (Duration and Requirement of Brahmins)
कितने ब्राह्मण (How many Brahmins): व्यक्तिगत शांति और छोटे कष्टों के लिए आप स्वयं इसका पाठ कर सकते हैं। यदि रोग गंभीर है या कोई बड़ा अनुष्ठान कराना है, तो 2 विद्वान ब्राह्मणों द्वारा इसका विधिवत पाठ (निश्चित संख्या में जैसे 108 पाठ) कराया जा सकता है।
समय सीमा (Timeframe): यह सामान्यतः 3 दिनों तक निरंतर किया जाता है।
6. कैवल्य एस्ट्रो ऐप के माध्यम से अनुष्ठान (Performing via Kaivalya Astro App)
कैवल्य एस्ट्रो ऐप आपको घर बैठे अनुभवी वैदिक विद्वानों के माध्यम से इस पाठ को संपन्न कराने की सुविधा देता है:
पंजीकरण (Registration): ऐप डाउनलोड कर 'पूजा/अनुष्ठान' सेक्शन में जाएं।
चयन (Selection): 'हनुमान बाहुक पाठ' (Hanuman Bahuk Path) का चयन करें।
संकल्प (Sankalp): ज्योतिषी या पंडित जी आपसे वीडियो कॉल या फोन पर जुड़कर आपका नाम, गोत्र और पाठ का उद्देश्य लेकर व्यक्तिगत संकल्प कराएंगे।
लाइव दर्शन (Live View): आप अपने मोबाइल पर इस अनुष्ठान को लाइव देख सकते हैं।
प्रसाद (Prasad): अनुष्ठान पूर्ण होने के बाद अभिमंत्रित रक्षा सूत्र या प्रसाद आपके पते पर भेज दिया जाता है।